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Ashutosh pandey
30 October 2017 8:14:06 AM UTC in HIndi Shayari

मैं जिन चिरागों को समझा था रौशनी का जवाब

मैं जिन चिरागों को समझा था रौशनी का जवाब
झे नसीब बने हैं वो तीरगी का जवाब
(guest)

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