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Bushra Aiman
01 October 2017 4:06:29 AM UTC in Shayari

इशक है ऐसी दवा ज़ख्मों को देती जो जन्म वो भी कया र्ददे मुहब्बत जिसमे न हासिल मात हो

इशक है ऐसी दवा ज़ख्मों को देती जो जन्म
वो भी कया र्ददे मुहब्बत जिसमे न हासिल मात हो
(guest)

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