loading
Dharmen Kumar
13 November 2017 3:29:08 AM UTC in Hindi Jokes and Shayari

शाम है बुझी बुझी वक्त है खफा खफा, कुछ हंसीं यादें हैं कुछ भरी सी आँखें हैं, कह रही है मेरी ये तर

शाम है बुझी बुझी वक्त है खफा खफा,
कुछ हंसीं यादें हैं कुछ भरी सी आँखें हैं,
कह रही है मेरी ये तरसती नजर,
अब तो आ जाइये अब न तड़पाइये।
(guest)

0

Reply