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Bushra Aiman
01 October 2017 5:03:35 AM UTC in Urdu Shayari and Poems

र्दद ए तनहाई भी ऐमन खूब ही एक र्दद है यह न हो तो कया अहम फिर खुशनुमा लमहात हो

र्दद ए तनहाई भी ऐमन खूब ही एक र्दद है
यह न हो तो कया अहम फिर खुशनुमा लमहात हो
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