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Bushra Aiman
01 October 2017 5:01:23 AM UTC in Urdu Shayari and Poems

आँख भरती है हमारी, अश़क गिरते हैं तुम्हारे ऐसी चाहत गर मिले तो कया हसीँ फिर बात हो

आँख भरती है हमारी, अश़क गिरते हैं तुम्हारे
ऐसी चाहत गर मिले तो कया हसीँ फिर बात हो
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