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Ashutosh pandey
30 October 2017 8:28:48 AM UTC in HIndi Shayari

उसकी मसरूर हर एक लम्हा नज़र मिलती है

उसकी मसरूर हर एक  लम्हा नज़र मिलती है
जिसकी रातों के मुकद्दर को सेहर मिलती है
(guest)

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