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Bushra Aiman
अगर यूं ही बिछड़ना था जुदा ही ठीक थे फिर हम
बताओ क्या जरूरी था मोहब्बत में यूं तड़पाना
Bushra Aiman
ना जाने उसको क्यों मैं इस क़दर महबूब रखता हूं
वो जालिम जो हर पल मोहब्बत का जहर देत
Bushra Aiman
ना मैं जानू ना तुम जानो मोहब्बत क्या अजब है कि
न जाने क्यों हर एक चाहे इसे पा ना दिलो जान से
Bushra Aiman
हमारे आसमां में सबसे रोशन जो सितारा
हैजो करता दिल में खुशियां है वह नाम एक बस तुम्हारा है
Bushra Aiman
तुम मुझसे गर यह कह देते मैं तुझसे ही जुड़ा हूं
तुम्हारी बात रख लेते जमाना किसको भाता है
Bushra Aiman
Bushra Aiman
Bushra Aiman
Bushra Aiman
Bushra Aiman